Ummidon ki manzil de gayi,Khwabon ki duniya be gayi,Abe teri kya izzat reh gayi,Jab ek zakkas item tere ko RAKHI pehna gayi...
इस दिल को किसी की आहट की आस रहतीहै, निगाह को किसी सूरत की प्यास रहती है,तेरे बिना जिन्दगी में कोई कमी तो नही, फिरभी तेरे बिना जिन्दगी उदास रहती है॥
जो खुद गुलाब है, उसे क्या गुलाब दूं.
ऐसा बोलकर रोज डे पर पति ने 50 रुपये बचा लिए.
Majburiya hoti hai sirf mahaan logo ke Jeevan MeinNahi to Ram Vanvaas MeinKrishna karaavaas MeinaurMai office Mein kyo baithta...
इस बारिश के मौसम में अजीब सी कशिश हैना चाहते हुए भी कोई शिदत से याद आता है..