कानपुरिया धमाका
टीचर (लड़के से) : “काहे बे… कल स्कूल काहे नहीं आए…..??”
लड़का : “काहे… कल जौ आये रहें… उनका कलेक्टर बना दिए हो का…??”
इकरार में शब्दों की एहमियत नही होती,
दिल के जज़बात की आवाज़ नही होती,
आँखें बयान कर देती हैं दिल की दास्तान,
मोहब्बत लफज़ो की मोहताज़ नही होती!
Two Line Love Shayari
ये प्यार भी अजीब चीज़ है,
जिससे होता है
उसके सिवा पूरे मोहल्ले को
पता होता है
कई बार ली है तुमने तलाशियाँ मेरे दिल की
बताओ कभी कुछ और मिला है तुम्हारे सिवा!!