वो खुद पर गरूर करते है
तो इसमें हैरत की कोई बात नहीं..
जिन्हे हम चाहते है,
वो आम हो ही नहीं सकते..!!
लिखूं कुछ आज यह वक़्त का तक़ाज़ा है,
मेरे दिल का दर्द अभी ताज़ा ताज़ा है,
गिर पड़ते हैं मेरे आँसू मेरे ही काग़ज़ पर
लगता है कलम में स्याही का दर्द ज़्यादा है!!
काश यह जालिम जुदाई न होती!
ऐ खुदा तूने यह चीज़ बनायीं न होती! न
हम उनसे मिलते न प्यार होता!
ज़िन्दगी जो अपनी थी वो परायी न होती!
बहुत खूबसूरत वो रातें होती है,जब तुमसे दिल की बात होती है ||वैसे कुछ खास लफ्ज़ नहीं होते मेरे पास,पर जब उनकी याद आती है तोह,मेरे लिखे लफ्ज़ो में भी मिठास आ जाती है.
Sadiya Guzar Gayi Kisi Ko Apna Bnane Me...
Magar Pal Bhi Na Laga Unhe Hamse Door Jane Me...