भक्ति में है शक्ति बन्धु
शक्ति में संसार है
त्रिलोक में है जिसकी
चर्चा उन शिव का
आज त्योहार है
सारा जगत है प्रभु तेरी शरण में
सर झुकाते हैं शिव तेरे चरण में
हम बनें भोले की चरणों की धूल
आओ शिव जी पर चढ़ायें श्रद्धा के फूल
बाबा ने जिस पर भी डाली छाया
रातो रात उसकी किस्मत की पलट गई छाया
वो सब मिला उसे बिन मांगे ही
जो कभी किसी ने ना पाया
शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं
वसंत ऋतु की बहार,
चली पिचकारी उड़ा है गुलाल,
रंग बरसे नीले हरे लाल,
मुबारक हो आपको होली का त्यौहार
यह कैसी घटा छाई हैं
हवा में नई सुर्खी आई है
फ़ैली है जो सुगंध हवा में
जरुर महादेव ने चिलम लगाई है