हफ़्तों तक खाते रहो,
गुझिया ले ले स्वाद.
मगर कभी मत भूलना
नाम भक्त प्रहलाद.
इस से पहले होली की शाम हो जाए,
बधाइयों का सिलसिला आम हो जाए,
भीड़ मे शामिल हमारा नाम हो जाए
क्यू ना होली की अभी से राम राम हो जाए
रंगों के होते कई नाम
कोई कहे पीला कोई कहे लाल
हम तो जाने बस खुशियों की होली
राग द्वेष मिटाओ और मनाओ होली
अगर होली पर आप मुझे रंग लगाना चाहते हैं तो,
एक बाल्टी पानी में रंग घोलकर मेरी DP पर उड़ेल दें
धन्यवाद ना कहें…