हम अच्छे सही पर लोग ख़राब कहतें हैं,
इस देश का बिगड़ा हुआ हमें नवाब कहते हैं,
हम ऐसे बदनाम हुए इस शहर में,
कि पानी भी पीये तो लोग उसे शराब कहते हैं…
तुम्हे हक है अपनी जिन्दगी जैसे चाहे जीयो तुम,
ज़रा एक पल के लिये सोचना मेरी ज़िन्दगी हो तुम….॥
रिमझिम तो है मगर सावन गायब है,बच्चे तो हैं मगर बचपन गायब है..!!क्या हो गयी है तासीर ज़माने की यारोंअपने तो हैं मगर अपनापन गायब है !
दर्द मिन्नत-कशे- ✒ दवा न हुआ, मै न अच्छा हुआ बुरा न हुआ, जमा करते हो क्यों रकीबो को, एक तमाशा हुआ गिला न हुआ.
दर्द मिन्नत-कशे- ✒ दवा न हुआ,
मै न अच्छा हुआ बुरा न हुआ,
जमा करते हो क्यों रकीबो को,
एक तमाशा हुआ गिला न हुआ.
इतना Attitude मत दिखा पगली, मेरे फोन की बैटरी भी तुझसे ज्यादा Hot है.