वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा |
बैंक मैनेजर:
कैश खत्म हो गया है कल आना
संता:
लेकिन मुझे मेरे पैसे अभी चाहिये
मैनेजर:
देखिये आप गुस्सा मत करिये,
शांति से बात कीजिये..
ठीक है बुलाओ शांति को,
आज उसी से बात करूँगा !
“ज़िंदगी” की “तपिश” को
“सहन” कीजिए “जनाब”,
अक्सर वे “पौधे” “मुरझा” जाते हैं,
जिनकी “परवरिश” “छाया” में होती हैं…
बात वफ़ाओ की होती, तो कभी न हारते,
बात नसीब की थी, कुछ ना कर सके।
दुनिया में सब चीज मिल जाती है,….
केवल अपनी गलती नहीं मिलती…..