अब हम भी कुछ मोहब्बत के गीत गुनगुनाने लगे हैं,
जब से वो हमारे ख्वाबो में आने लगे हैं।
लगता है मैं 💁🏻♂️भूल चुका हूँ मुस्कुराने 🤗 का हुनर…
कोशिश जब भी करता हूँ आँसू 😥 निकल आते हैं..!
फिर वही फ़साना अफ़साना सुनाती हो
दिल के पास हूँ कह कर दिल जलती हो
बेक़रार है आतिश इ नज़र से मिलने को
तो फिर क्यों नहीं प्यार जताती हो…!!
तरस आता है मुझे अपनी मासूम सी पलकों पर,जब भीग कर कहती है की अब रोया नहीं जाता।
इश्क़ वही है जो हो एकतरफा हो
इज़हार-ऐ-इश्क़ तो ख्वाहिश बन जाती है
है अगर मोहब्बत तो आँखों में पढ़ लो ज़ुबान से इज़हार तो नुमाइश बन जाती है