अगर मेरी चाहतों के मुताबिक, जमाने में हर बात होती..!
तो बस मैं होता वो होती, और सारी रात बरसात होती..!!
मुझे मार ही ना डाले इन बादलों की साज़िश, ये जब से बरस रहे हैं तुम याद आ रहे हो ।
दुःख में इंसान ईश्वर को याद करता है लेकिन सुख में इंसान ईश्वर को भूल जाता है।
अगर सुख में भी इंसान ईश्वर के करीब रहे तो दुःख ही क्यों हो
मुक्तसर सी ज़िन्दगी है मेरी तेरे साथ जीना चाहता हूँ,कुछ नहीं मांगता खुदा से बस तुझे मांगता हूँ.
किस लोभ से “किसान” आज भी, लेते नही विश्राम हैं,
घनघोर वर्षा में भी करते निरंतर काम हैं
शिक्षा के प्रति प्रत्येक किसान को जागरूक होना चाहिए तभी उनका जीवन बेहतर हो सकता हैं.
अज़ीज़ भी वो है, नसीब भी वो है ,
दुनिया की भीड़ में करीब भी वो है
उनकी दुआ से चलती है ज़िन्दगी
क्यों की खुदा भी वो है ,
और तक़दीर भी वो है ..!!
I Love you Papa..