हक़ से अगर दे दो,
नफरत भी कबूल है हमे,
खैरात में तो हम…
तुम्हारी महोब्बत भी न ले.
ये ना पूछ कितनी शिकायतें हैं तुझसे ऐ ज़िन्दगी,
सिर्फ इतना बता की तेरा कोई और सितम बाक़ी तो नहीं।
Ye mout bi badi ajeeb chiz hei yaro…
Sala Ek Din Marne ke liye Puri Zindgi Jini padTi hey…
मत पूछ कैसे गुज़र रहा है हर पल मेरा तेरे बिना,कभी बात करने की हसरत कभी मिलने की तमन्ना…
Log Apna Banake Chhodd Dete Hai,
Barso Ka Rishta Ek Pal Me Tod Dete Hai…
Humse Toh Ek Phool Bhi Na Toda Jata,
Log Toh Dil Na Jaane Kaise Tod Dete Hai!!