कोई ख़ामोश ज़ख़्म लगती है
ज़िंदगी एक नज़्म लगती है
क्यूँ शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर..
हाल हमारा वही है, जो तुमने बना रखा है..
घुटन क्या चीज़ है, ये पूछिये उस बच्चे से
जो काम करता हैं ,इक खिलोने की दुकान पर...
ऐसा लगता है, हर इम्तिहाँ के लिए,
किसी ने जिन्दगी को हमारा पता दे दिया है
उसने कहा चले जाओ
मेरी ज़िन्दगी से,
मेने कहा कौन हो तुम
भाईसाहब!!