“मन में जो है साफ़ साफ़ कह देना चाहिए
क्योकि सच बोलने से फैसले होते है और झूट बोलने से फासले।” – Aaj Ka Suvichar
हे ईश्वर… बस एक छोटी सी दुआ है,
जिन लम्हों में, मेरे अपने मुस्कुराते हो…
वो लम्हे कभी ख़त्म न हो…
आकाश से ऊँचा कौन – पिता
धरती से बड़ा कौन – माता
जो सिरफिरे होते हैं वही इतिहास लिखते हैं
समझदार लोग तो सिर्फ उनके बारे में पढ़ते हैं
त्याग दी सब ख्वाहिशें
कुछ अलग करने के लिए
“राम” ने खोया बहुत कुछ
“श्री राम” बनने के लिए