तेरे खामोश होंठों पर मोहब्बत गुनगुनाती है
तू मेरी है मैं तेरा हूँ बस यही आवाज आती है।
Hum is kabil to nahi ke koi humein apna samjhega,
Lekin itna to yaqeen hai koi royega boho0at hume kho dene ke baad…
उनके लिए जब हमने भटकना छोड़ दिया,
याद में उनकी जब तड़पना छोड़ दिया,
वो रोये बहुत आकर तब हमारे पास,
जब हमारे दिल ने धडकना छोड़ दिया
कुछ अजीब सा रिश्ता है
उसके और मेरे दरमियां
ना नफरत की वजह मिल रही है
ना मोहब्बत का सिला
Jee Chahe Ki Duniya Ki Har Ek Fikr Bhula Kar,
Dil Ki Baatein Sunaun Tujhe Pass Bitha Kar.