"ना जाने क्यों इतनी बेचैनी बढ़ जाती है,कोई बात कभी जहन में अटक जाती है,वैसे तो सब बेहतर है, कोई ग़म नहीं है,जब देखता हूँ तुमको, साँसे अटक जाती है l"
Khwab Sach HO To Manzil Mil Jaati Hai,
Yaad Aksar Tasvir me Dhal Jati Hai,
Kisi k Liye Kuch Mango To Dilse Mango Qki
1 Dua Se taqdir Badal Jati hai…
“देर रत जब किसी की याद सताए,
ठंडी हवा जब जुल्फों को सहलाये.
कर लो आंखे बंद और सो जाओ क्या पता,
जिसका है ख्याल वो खवाबों में आ जाये.”
क्यों जिंदगी इस तरह तुम दूर हो गए
क्या बात है जो इस तरह मगरूर हो गए।
हम तरसते रहे तुम्हारा प्यार पाने को
बेवफा बनकर तुम तो मशहूर हो गए।।
Jis ke naseeb mein hon zamaney ki thokarein…!!
Us bad-naseeb sey na sahar’on ki baat ker…