"कई पुरानी यादें, खोल आया हूँ,सालो बाद, फिर तेरे शहर में आया हूँ,वो चौराहे, वो सड़क, सब वैसा ही है,बस एक तू नहीं, जिससे मिलने आया हूँ l"
Chahat hai kisi chahat ko pane ki,
chahat hai chahat ko aazmane ki,.
Wo chahe hume chahe na chahe par
chahat hai unki chahat me mit jane ki.
मेरी इबादतों को ऐसे कर कबूल ऐ मेरे खुदा,
के सजदे में मैं झुकूं तो मुझसे जुड़े हर रिश्ते की जिंदगी संवर जाए..!!
Saja Kr Apni Hi Aankh Hazaar Chehron Pe,
Kia Hai Main Ne Sadaa Aitbaar Chehron Pe
Main Teri Bazm Mein Kis Kis Sy Dushmani
Lita Likha Tha Naam Tera Be
shumaar Chehron Pe..!!!
पूछते हैं मुझसे की शायरी लिखते हो क्यों,
लगता है जैसे आईना देखा नहीं कभी।