पास जब हम बहुत थे तो बहुत दूर थे,दूर थे जब हम तो बस मजबूर थे।जाने किसकी वजह से ये रिश्ता था टूटा,तुम भी बेकसूर थे और हम भी बेकसूर थे।।
पास जब हम बहुत थे तो बहुत दूर थे,
दूर थे जब हम तो बस मजबूर थे।
जाने किसकी वजह से ये रिश्ता था टूटा,
तुम भी बेकसूर थे और हम भी बेकसूर थे।।
मजबूती से बाहों में,
इस कदर थाम लूं तुझे…
की मेरे इश्क़ की कैद सेतू चाहकर भी ना छुड़ सकें…❤️
हमने अपनी यादों के बागीचे मेंतेरी यादों के पौधे को सींच कर रख रखा था पर आप हमे अपनी यादों के बगीचे में लगी गंदी घास समझ कर भूल गये।
हमने अपनी यादों के बागीचे में
तेरी यादों के पौधे को सींच कर रख रखा था
पर आप हमे अपनी यादों के बगीचे में
लगी गंदी घास समझ कर भूल गये।
तकदीर के हाथों खुद को में जोड़ना नहीं चाहता,
मेरे दो हाथो का होसला में तोडना नहीं चाहता,
मौसम की तरह बदल जाती ये हाथो की लकीरें,
बंद मुट्ठी मेरी हरगिज़ मैं खोलना नहीं चाहता।
उठाये जो हाथ उन्हें मांगने के लिए,
किस्मत ने कहा, अपनी औकात में रहो।