सच बोलने के लिए कोई तैयारी नही करनी पड़ती,
सच हमेशा दिल से निकलता है।
अहंकार” और “संस्कार” में फ़र्क़ है…
“अहंकार” दूसरों को झुकाकर कर खुश होता है,
“संस्कार” स्वयं झुककर खुश होता है..!
ईश्वर कहते हैं उदास न हो,
मैं तेरे साथ हूँ, सामने नहीं आस पास हूँ,
पलकों को बंद कर और दिल से यादकर,
में कोई और नहीं, तेरा विश्वास हूँ।
“लोग क्या कहेंगे”- ये बात इंसान को आगे नहीं बढ़ने देती
इंसान अच्छा या बुरा नहीं होता
बस वक्त अच्छा और बुरा होता है