मैं उसके प्यार में पागल होता रहा, और मैं
उसका प्यार था उसे इसका घमंड होता रहा।
सिसक कर पूछती हैमुझसे ये तनहाईय़ाजो बड़े हमदर्द थे तेरेआखिर वो बेबफाई कैसे कर गये.
सिसक कर पूछती है
मुझसे ये तनहाईय़ा
जो बड़े हमदर्द थे तेरे
आखिर वो बेबफाई कैसे कर गये.
जिंदगी में कभी भी अपने किसी हुनर पे घमंड मत करना,क्यूँ की पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वजन से डूब जाता है।
मेरे “शब्दों” को इतने ध्यान से ना पढ़ा करो दोस्तों,
कुछ याद रह गया तो.. मुझे भूल नहीं पाओगे!