गुज़रे हुये लम्हों की हमें याद तो होगी।
कोविड में अगर ना भी मिलें, दोस्ती आबाद तो होगी।।
“अपनों को याद करना प्यार हैं,
गैरों का साथ देना संस्कार हैं,
दुश्मनो को माफ करना उपकार हैं,
और आप जैसे दोस्तों को परेसान करना जन्मसिद्ध अधिकार हैं.”
होठो पे उल्फत के फ़साने नही आते
जो बीत गये फिर वो जमाने नही आते
दोस्त ही होते है दोस्तों के हमदर्द
कोई फरिस्ते यहा साथ निभाने नही आते
बातें करके रुला ना दीजियेगा,
यूं चुप रहके सज़ा ना दीजियेगा,
ना दे सके खुशी तो ग़म ही सही,
पर दोस्त बना के यूं भुला ना दीजियेगा।
दिल टूटना सजा है महोब्बत की,दिल जोडना अदा है दोस्ती की,माँगे जो कुर्बानी वो है महोब्बत,जो बिन माँगे हो जाऐ कुर्बान……वो है दोस्ती हमारी…..