कैसी ये चाहत तूने मेरे दिल में जगा दी है,
जिसने दिल तोड़ा उसे दिल भर के दुआ दी है।
त्याग दी सब ख्वाहिशें
कुछ अलग करने के लिए
“राम” ने खोया बहुत कुछ
“श्री राम” बनने के लिए
बड़ी सख्त इम्तिहान की घड़ी होती हैं,
सुबह-सुबह ठंड में नहाना बात बड़ी होती हैं…
Happy Winter Season
आ बिछड़ने का कोई और तरीका ढूंढें
प्यार बढ़ता है मेरी जां खफा रहने से
Chhed Aati Hain Kabhi Lab Ko Kabhi Rukhsaro Ko,
Tumne Zulfon Ko Bahut Sar Chada Rakha Hai.