हमने खड़े-खड़े साहिल पर शाम कर दी,
अपनी दुनिया आप के ही नाम कर दी,
ये भी न सोचा कैसे गुज़रेगी ये ज़िंदगी,
बिना सोचे हर ख़ुशी आपके नाम कर दी।
तुमसे ही रूठ कर तुम्ही को याद करते हैं
हमे तो ठीक से नाराज़ होना भी नही आता
Izhar-e-Tamanna Hi Tauheen-e-Tamanna Hai,
Tum Khud Hi Samajh Jaao Main Naam Nahi Lunga.
होंठो ने मुस्कुराने से मना कर दिया..
आंसुओं ने बह जाने से मना कर दिया..
एक बार जो दिल टूटा प्यार में..
फिर इस दिल ने दिल लगाने
से मना कर दिया /...
Dil hi dil mein hum unse pyar karte hain
Aaj es propose day pe apni mohabbat ka izhar krte hain.