उसके इंतजार के मारे हैं हम,
बस उसकी यादों के सहारे हैं हम,
दुनिया जीत के कहना क्या है अब..??
जिसे दुनिया से जीतना था आज उसी से हारे हैं हम.!!
वफ़ा की ज़ंज़ीर से डर लगता है,कुछ अपनी तक़दीर से डर लगता है.जो मुझे तुझसे जुदा करती है,हाथ की उस लकीर से डर लगता है!
हँसते हुए ज़ख्मों को भुलाने लगे हैं हम,हर दर्द के निशान मिटाने लगे हैं हम,अब और कोई ज़ुल्म सताएगा क्या भला,ज़ुल्मों सितम को अब तो सताने लगे हैं हम।
काश उन्हें चाहने का अरमान नही होता,में होश में होकर भी अंजान नही होता,ये प्यार ना होता, किसी पत्थर दिल से,या फिर कोई पत्थर दिल इंसान ना होता!
Dard ho Dil Men To Dawa KijiyeDil hi Jab Dard Ho To Kya Kijiye.