छुपी होती है लफ्जों में बातें दिल की,
लोग शायरी समझ के बस मुस्कुरा देते हैं !
मुद्दतों राब्ता नही मिलताकोई भी रास्ता नही मिलतानींद रूठी है जबसे आँखों सेख्वाबों से वास्ता नही मिलता..
इस रिश्ते को ऐसे ही बनाये रखना
दिल में अपनी यादों के चिराग जलाये रखना
बहुत प्यारा सफर रहा 2020 में आपके साथ
बस ऐसा ही 2021 में भी बनाये रखना।
नए साल की शुभकामनाएं
ऐ बेदर्द… सब आ जातें हैं यूँ ही मेरी ‘ख़ैरियत’ पूछने…अगर तुम भी पूछ लो तो यह ‘नौबत’ ही न आए.
अब तुझे न सोचू तो, जिस्म टूटने-सा लगता है..
एक वक़्त गुजरा है तेरे नाम का नशा करते~करते !