एक बार पी थी चाय किसी के हाथ की
सांसों में इलायची की महक आज भी है.🥀
मैं तमाम दिन का थका हुआ,
तू तमाम शब का जगा हुआ,
ज़रा ठहर जा इसी मोड़ पर,
तेरे साथ शाम गुज़ार लूँ।
क्यों मरते हो यारो सनम के लिए,ना देगी दुप्पटा कफ़न के लिए,मरना है तो मारो वतन के लिए,तिरंगा तो मिलेगा कफ़न के लिए.
Khwab Sach HO To Manzil Mil Jaati Hai,
Yaad Aksar Tasvir me Dhal Jati Hai,
Kisi k Liye Kuch Mango To Dilse Mango Qki
1 Dua Se taqdir Badal Jati hai…
जब भी करीब आता हूँ बताने के लिये,जिंदगी दूर रखती हैं सताने के लिये,महफ़िलों की शान न समझना मुझे,मैं तो अक्सर हँसता हूँ गम छुपाने के लिये।