अपनी आदत
लगा देने के बाद,
लोग तडपाते
बहुत है !!
ऐ ग़म-ए-ज़िंदगी न हो नाराज़
मुझ को आदत है मुस्कुराने की
मुस्कुराने की आदत है ज़नाब,
हम उदासियों के मुँह नहीं लगते!