हमसे मत पूछिए जिंदगी के बारे में !!
अजनबी क्या जाने अजनबी के बारे में !!
मंजिल का नाराज होना भी जायज था !!
हम भी तो अजनबी राहों से दिल लगा बैठे !!
अपना साया भी अज़नबी सा लगे,
जब उम्र किसी की तन्हाई में कटे!
युं नज़र से बात की
और दिल चुरा ले गये…..
हम तो अजनबी समझते थे आपको
आप तो हम को अपना बना गये….
खौफ नहीं था , अजनबी से मुलाकात का…
फिक्र थी कि कोई रिश्ता ना बन जाए
अगर तुम अजनबी थे, तो अजनबी लगे क्यू नहीं…
अौर अगर मेरे थे तो मुझे मिले क्यूं नहीं…