किताब के आखरी
पन्ने जैसा था दिसम्बर,
दिल में एक दिलकश कसक
छोड़ गया है !!
आज की दिलकश हवाओं में इश्क़ का सुरूर है,
रहते हो तुम धड़कनों में साथ मुझे इसका गुरूर है!
हसीन सी पल को तुम भूला ना देना
गम भरी यादों को तुम याद ना करना
जिंदगी तो बहुत दिलकश है यारा
यूं ही जिंदगी को तुम परेशानियों में भूला ना देना
दौलत भी तू ले आया
शोहरत भी ले आया
था तू ऐसा दिलकश
तू अपने हसीन दिल
को क्यों छोड़ आया