दर्द हैं दिल में पर इसका ऐहसास नहीं होता
रोता हैं दिल जब वो पास नहीं होता
बरबाद हो गए हम उनकी मोहब्बत में
और वो कहते हैं कि इस तरह प्यार नहीं होता
आँख से दूर सही दिल से कहाँ जाएगाजाने वाले तो हमें याद बहुत आएगा
आँख से दूर सही दिल से कहाँ जाएगा
जाने वाले तो हमें याद बहुत आएगा
वो गले से लिपट के सोते हैं
आज-कल गर्मियाँ हैं जाड़ों में
सर्दी और गर्मी के उज़्र नहीं चलते
मौसम देख के साहब इश्क़ नहीं होता
देखो रात फिर आ गयी
गुड नाईट कहने की बात फिर आ गयी
हम बैठे थे सितारों की पनाह में
चाँद को देखा तो आपकी याद आ गयी
Good Night Dear
क्या कहूँ तुम से मैं कि क्या है इश्क़
जान का रोग है बला है इश्क़