छोड़ कर तुम्हारे सपनेकुछ और ना देखना चाहूंगा.ताउम्र तुमसे ही मोहब्बतमैं बेपनाह करना चाहूंगा..
छोड़ कर तुम्हारे सपने
कुछ और ना देखना चाहूंगा.
ताउम्र तुमसे ही मोहब्बत
मैं बेपनाह करना चाहूंगा..
भुला कर सारे दुनिया भर के ग़मों को,तेरे आगोश में सो जाने को दिल करता है….
भुला कर सारे दुनिया भर के ग़मों को,
तेरे आगोश में सो जाने को दिल करता है….
कर्म का फल व्यक्ति को उसी तरह ढूंढ लेता है,
जैसे कोई बछड़ा सैकड़ों गायों के बीच अपनी मां को ढूंढ लेता है।
आदमीमरने के बादकुछ नहीं सोचता,आदमीमरने के बादकुछ नहीं बोलता,कुछ नहीं सोचनेऔर कुछ नहीं बोलने परआदमीमर जाता है।
अपने जैसी कोई तस्वीर बनानी थी मुझे
मिरे अंदर से सभी रंग तुम्हारे निकले