कौन कहता है मोहब्बत बर्बाद करती है,
निभाने वाला मिल जाये तो दुनिया याद करती है..!!
मेरा हाथ और मेरी आत्मा ले लो,
यह तुम्हारे लिए है।
जहाँ कमरे में कैद हो जाती है ज़िन्दगी,लोग उसको बड़ा शहर कहते हैं ।
भीड़ में अकेला रह जाता हूँ,तेरी याद में ऐसे खो जाता हूँ l
अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलेंजिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें
ये उदास शाम और तेरी ज़ालिम याद,
खुदा खैर करे अभी तो रात बाकि है.